एक राह जो बहुत खास था,
एक राह जो मेरे दिल के बहुत पास था।
एक राह जिसमें मैं किसी के साथ था,
एक राह जिसमें साथ किसी का हाथ था।
एक राह जहां एक दूसरे को समझना था,
एक राह जहां समझने के लिए भी साथ होना था।
एक राह जिसमें मैं उसे खुश देखना चाहता था,
एक राह जिसमें मैं उसके दर्द बांटना चाहता था।
एक राह जहां एक दूसरे की फिक्र थी,
एक राह जहां हर बात में एक दूसरे की जिक्र थी।
एक राह जिसमें मैं उसकी अच्छाई से प्रेम करना चाहता था,
एक राह जिसमें मैं दिलसे उसका दोस्त होना चाहता था।
एक राह जहां मैं उसकी परवाह करना चाहता था,
एक राह जहां मैं उसके टूटे हिस्से को ठीक करना चाहता था।
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एक राह जिसमें मैंने गलती कर उसका साथ छोड़ दिया।
एक राह जिसमें मैंने नादानी कर उसका भरोसा ही तोड़ दिया।
एक राह जिसमें हम साथ थे पर शायद अब अकेले रह जाएंगे,
एक राह जिसकी यादें अब शायद बस दिल में रह जाएंगे।
एक राह जो बहुत खास था पर शायद अब अधूरा रह जाएगा,
एक राह जो शायद अब फिर से साथ होने के इंतजार में रह जाएगा।
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एक राह जो अब फिर से एक है,
एक राह जिसमें हम दोनों अब फिर साथ हैं।
एक राह जिसमें अब एक अलग बात है,
एक राह जिसमें बस साथ चलते रहने की ही बात है।
एक राह जो अब पहले से बहुत ज्यादा पक्का है,
एक राह जो अब बस सुकून से भरा है।
एक राह जो अब अस्सी की उम्र में भी दोनों का साथ देखना चाहता है, एक राह जो अब बस अंत से परे होना चाहता है।
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