मैं तुम्हारी आंखों में देखु
इनमें वो बात नहीं
ये समुंद्र सी गहरी नहीं है
ये तों नदी सी उथली है
है मेरी आंखों में भी एक समंदर
तुम उसे देख नहीं सकती
उसमें उतर नहीं सकती
क्योंकि तुम्हारी आंखों से तो दरीया बहता है
मेरी आंखों में तो कई दरीया कैद हैं
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