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आँखो का समंदर

                
                                                         
                            मैं तुम्हारी आंखों में देखु
                                                                 
                            
इनमें वो बात नहीं
ये समुंद्र सी गहरी नहीं है
ये तों नदी सी उथली है

है मेरी आंखों में भी एक समंदर
तुम उसे देख नहीं सकती
उसमें उतर नहीं सकती
क्योंकि तुम्हारी आंखों से तो दरीया बहता है
मेरी आंखों में तो कई दरीया कैद हैं
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एक दिन पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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