मर्दों पर जायज़ है मुक़दमा,
औरतों की फ़रियाद सुनी जाए।
क़फ़स में डाल दो हमें,
पर इन्हें आजाद किया जाए।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X