विपदा को मैंने दूर किया है
क्योंकि शुरू से मैंने संघर्ष किया है
वतन से मैंने सीख लिया है,
हिंदुस्तान को भारत माता का नाम दिया है।
झूठी अंधभक्ति को नहीं ,
बल्कि देशभक्ति को मैंने ये नींव दिया है।
हमने सिर कटते हुए भी ईमानदारी का परचम लहराया है,
धूल को भी गर्व से माथे पर मुकुट की तरह सजाया,
और शहीदों को देश का सर्वोच्च गर्व माना है।
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