बदलती फ़ितरत देखी, बदलते मौसम देखे हैं,
बदलती सूरत देखी, बदलते आईने देखे हैं।
मौसम सूरत फितरत और आईनों की क्या बातें करते हो,
मैंने तो बदलते ऐतबार तीज त्यौहार ये सब छोड़ो यार देखे हैं
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