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यह देश है जनमानस का

                
                                                         
                            यह देश है लाखों जनमानस का,
                                                                 
                            
इनकी आवाज नहीं दबाओ तुम।
इनके हितों की बात हो हरदम,
संसद पटल पर रख आओ तुम।

सेना में भी इस देश का जवान हैं,
शरहद पर जाने वाले को बचाओ तुम।
पढ़ने वाले, बढ़ने वाले, इंसान सभी,
इनकी पढ़ाई पर न असर डालो तुम।

लीक होती है यदि कोई पेपर यहाँ,
उस लीक पर लॉक लगाओ तुम।
इनके आवाज की कीमत बहुत है,
सलीके बताकर न इन्हें दबाओ तुम।

मुल्क से मुहब्बत है इनके वजूद में,
इनके समझ में न बट्टा लगाओ तुम।
ये कॉकरोच नहीं, गुलाम भी नहीं,
आजाद ए हिन्द को हौसला दो तुम।

बहुत जतन से देश को संभाला है,
ऐसे फैसले पर रजामंदी दिखाओ तुम।
ये कोई कॉकरोच नहीं, नौजवान है,
इनके बातों से न दूरियां बनाओ तुम।

इन्हें चाहिए संरक्षण हमेशा आपका,
इनके मजबूरियों को गले लगाओ तुम।
यह भविष्य है इस नवीन हिंदुस्तान का,
आप ही इन्हें बचाओ, सहलाओ तुम।
-देवनन्दन कुमार
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41 मिनट पहले

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