मेरी बेताब तमन्नाओं की एक टीस,कसक मेरे अंदर रहेगी,
कोई मंजिल नहीं है मेरी, फिर भी मंजिल पाने की कसक मेरे अंदर रहेगी,
मेरी आंखों में अपनी एक झलक रहने दो ,
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