तुम ना सही तेरा एक ख्याल, याद ही तो मेरे पास है,
अन्यथा बैठकर अकेले में मैं क्यों मुस्कुराता हूं,
अब शिकायत करूं भी तो कैसे करूं, तुम तो पहले से ही बेवफा हो गई,
दिल तो पहले से ही टूटा है, एक भरोसा था,वह भी बिखर गया,
कभी तुम्हारी यादों में हंस लेता हूं, कभी तेरी यादों में रो लेता हूं,
आज बिताए पल बहुत इतना दर्द देते हैं,कि ना हंस पता हूं,ना रो पता हूं मैं....
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