रहना कमाल हो तेरा, जाना कमाल हो
जाएँगे जहाँ से हम, बड़े मालामाल हो
सुन जग में बड़ा नाम, तेरे दर पे हैं आयें
लौटा जो मैं खाली, बड़ा ही बवाल हो
तू कितना भी ऊँचा है, मेरी सुन के रहेगा
परवरदिगार तुम बड़े बेमिसाल हो
ख़ुशबाश हूँ उंगली पकड़ अपना बना लिया
रिंदों सा मैं भी झूमा यूँ मस्तहाल हो
इक मुख़्तसर सी बात मेरी भी तो मान ले
भूले से नहीं भूलना, यूँ बेख्याल हो
शजर से गिरा जो फूल, हस्ती बता गया
बंदा कमाल बन तू, कालों का काल हो
महफ़ूज आबोदाना, एक तेरा ही दर है
वल्लाह जमाल तेरा, अल्लाह कमाल हो
- डॉ. रश्मि झा
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