छेड़ कोई अफ़्साना कोई गीत सुना
दिल तो पहले कुछ तो मेरे मीत सुना
कैसे तू बच निकला मक़्तल से ये तो बता
कैसे बदली तेरे गाँव की रीत सुना
जाग उठे सन्नाटा ऐसा राग अलाप
साथ न दे आवाज़ तो फिर संगीत सुना
क्या देखा क्या मेरी मौत का मंज़र था
कैसे हुआ सपने में तू भयभीत सुना
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