माँ सरस्वती शारदे
हृदय-कमल पर विराजे
हाथों में वीणा-पुस्तक
स्फटिक माला साजे
माँ सरस्वती शारदे---
श्वेतवर्णा, शुक्लाम्बरा
वेदमाता, पद्मासना
भारती, हंसगामिनी
विदुषी, ब्रह्मचारिणी
श्रुतदेवी, बागीश्वरी
ब्रह्माणी, गौ, कुमारी
वरदा है वीणापाणि
पावन नाम सब तिहारे
माँ सरस्वती शारदे---
त्रैलोक्य वंदिता माँ
वीणा मधुर बजाती
शुभ्रता सत्वगुण की
वेदों की जननी गाती
परम चेतना तू माते
प्रज्ञा से भव सँवारे
निःशेष जड़ता हर के
मेरी साधना को बल दे
माँ सरस्वती शारदे---
-डॉ. रश्मि झा
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