आज तुम पर फिर से प्यार आया,
जैसे बरसों बाद कोई अपना याद आया।
तेरी बातों की वो नरम-सी आहट,
दिल के किसी कोने को फिर छू गई,
तेरी मुस्कान का ख़याल आया,
और आँखों में एक चमक-सी उतर गई।
न जाने क्यों आज दिल ने कहा—
तुमसे कुछ भी छुपाया न जाए,
जो मोहब्बत है सीने में मेरे,
उसे आज थोड़ा और जताया जाए।
तुम पास नहीं हो फिर भी,
हर पल तुम्हारा एहसास रहता है,
मेरी खामोशियों में भी
बस तुम्हारा ही नाम रहता है।
आज तुम पर प्यार कुछ यूँ आया,
कि खुद से भी ज्यादा तुम्हें चाहा…
और दिल ने चुपके से फिर कहा—
तुम मिले नहीं तो क्या हुआ,
तुम्हें चाहना तो आज भी
मेरी सबसे खूबसूरत दुआ है।
हेम___
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