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पोवारी भाषा को सौंदर्य की झलक

                
                                                         
                            रोज हिन्दी जगत मा
                                                                 
                            
पोवारी होसे प्रकाशमान।
अना पोवार समाज की,
गर्व लक ऊंची उठ जासे मान।।

रोज हिन्दी जगत मा
पोवारी होसे प्रकाशमान।
अना मातृभाषा पोवारी को,
बढ़ जासे समस्त संसार मा मान।।

रोज हिन्दी जगत मा
पोवारी होसे प्रकाशमान।
अना मातृभाषा पोवारी की
बढ़ जासे समस्त संसार मा शान।।

रोज हिन्दी जगत मा
पोवारी होसे प्रकाशमान।
अना मातृभाषा पोवारी की,
बढ़ जासे समस्त विश्व मा पहचान।।

रोज हिन्दी जगत मा
पोवारी होसे प्रकाशमान।
अना पोवारी क्रांति की,
होय जासे संसार ला जान पहचान।।

हिन्दी साहित्य जगत न्
बढ़ाईस पोवारी भाषा को सम्मान।
हिन्दी साहित्य जगत न् ,
बढ़ाईस मातृभाषा पोवारी की शान।।

हिन्दी साहित्यिक मंचों न्
बढ़ाईन पोवारी भाषा की चमक।
संसार ला देखन मिली,
पोवारी भाषा को सौंदर्य की झलक।।

-ओ सी पटले
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50 मिनट पहले

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