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मछलियों का देश

                
                                                         
                            मछलियों का देश देखने
                                                                 
                            
मैं नमक की लहरों पर उतरा।

जल में
परिवार थे—
मेरी आहट से
छितराते हुए।

मैंने चारा डाला।

भय
भूख में बदला।

एक मछली
मेरे हाथ तक आई—

लहरें
देर तक
कुछ कहती रहीं।
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52 मिनट पहले

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