सपना हो या हकीकत हो
जो भी हो खूबसूरत हो
बहारो में महकती खुशबू तुम्हारी
फूलों में खत्म होती जुसत्जू तुम्हारी
टिप टिप बरसात की बूंदे रुलाती है मुझको
तुम्हें न भूल जाऊं याद दिलाती है मुझको
जर्रा जर्रा बयान कर रहा तुम्हारी कहानी
नहीं कोई अदना तुम हो रुहानी
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