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मोहब्बत की खान

                
                                                         
                            तुम्हारा दिल मेरा भगवान है
                                                                 
                            
तुम्हारी जिंदगी ही मेरी जान है
मैं मुसाफिर हुस्न की गलियों का
तू मोहब्बत की खान है
तुम्हारे नयन के खेतों से प्रिए
मेरी सांसों की पहचान है
तेरे वादों की बहारें हैं
मेरी वफा की राहें हैं
तेरी जो मासूमअदाएं हैं
मेरी रब से दुआएं हैं
यही तो इश्क की शान है
- लीलाराम सिन्हा
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एक घंटा पहले

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