हर नागरिक का सौंपा हुआ अहसान हूं मैं ।
बच्चों बुजुर्गों और महिलाओं का मान हूं मैं ।।
शोषित गरीबों और किसानों का आत्मसम्मान हूं मैं ।
मैं ही हिन्दू ,सिख और मुसलमान हूं मैं ।।
मैं गुरु गोविंद हु ,जीसस हूं और कुरान हूं मैं ।
मैं ही हूं सत्य और समर्थ और बलवान हूं मैं ।।
मैं धैर्य हूं मैं बोल हूं और ऊर्जावान हूं मैं ।
मैं व्यक्ति हूं विशेष हूं और आम इंसान हूं मैं ।।
हां मैं संविधान हूं,
संविधान हूं ।
संविधान हूं मैं ।।
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