हमर देशे हिंदू मुसलमा सिख आरो ईसाई ,
ऐके बगीचाक सोभिन फूलवा सोभिन भाई भाई ।
सुन गे सजनी सेहो रे फूलवें भांवर धमधमाई ।।
हमर देशे सोना चांदी कोयला हीरा के खान ।
खेतवे उपजे गेहूं चना हरिहर धान ,
सुन गे सजनी भारत देशवा दुनियाएं महान ।।
भारत देशे जनम भेलई तो राखिहा ऐकर मान ,
कभी ना करिहा ऐकर बुराई करिहा सदा गुणगान ।
सुन गे सजनी भारत देशवा दुनियाएं महान ।।
हमर देशे हिंदू मुसलमा सिख आरो ईसाई ,
ऐके बगीचाक सोभिन फूलवा सोभिन भाई भाई ।
सुन गे सजनी सेहो रे फूलवें भांवर धमधमाई ।।
- रंजीत कुमार महतो "गम्हरा"
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