जैसे झारखंड में पहाड़ों में पारसनाथ हैं ।
नदियों में दामोदर हैं ,
झरनों में हुंडरू जलप्रपात है,
स्थानों में नेतरहाट है ,
जंगलों में सारंडा है ,
पार्कों में बेतला और ओरमांझी हैं ,
पक्षियों में कोयल है ,
पशुओं में हाथी हैं ,
पेड़ो में साल हैं ।
खनिजों में कोयला , लोहा , यूरेनियम
का भंडार है ।
वीरों में बिरसा मुंडा है ,
और अब ये झारखंड राज्य हमारा है ,
वैसे ही कवियों में
रंजीत कुमार महतो "गम्हरा " हैं ।।
- रंजीत कुमार महतो "गम्हरा "
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