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जीवन दृष्टा

                
                                                         
                            जीवन को भलिभाँति समझने वाले लोग
                                                                 
                            
जीवन को भलिभाँति पढ़ने साधु-संत लोग
जीवन की व्याखा करने वाले विव्दान लोग
इन सब लोगों अलग-अलग दृष्टिकोण रहता है
कोई कहता है कि जीवन भक्ति करने लिए है
कोई कहता है समाज को शक्ति से दबाने के लिए है
कोई कहता है कि जीवन मस्ती से जीने के लिए है
जीवन , समाज को एक सूत्र में बांधने लिए है
इनके विचारों बहुत अन्तर है
मनुष्य स्वतंत्र है सब अपने अनुसार जीएँ
पर यह ध्यान रक्खें कि दूसरे के
जीवन इसका प्रभाव न पड़ें
कोई एक- दूसरे के लिए न अड़ें
कोई एक- दूसरे के लिए न लड़ें
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36 मिनट पहले

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