मरने मरने में फर्क होता है, कौन कैसे मरेगा, निर्भर करता है।
मरने वाला तो चला गया, रोएगा कैसे रोने वाला, निर्भर करता है
मरने वाला ले जाएगा क्या क्या अपने साथ
कफन में लगेगा या नहीं खरीता, निर्भर करता है।
पूछो गोर - कन से जरा, बेरोजगारी का हाल
उसकी दुआ में होगा बूढ़ा, जवान या बच्चा, निर्भर करता है।
मौत भी है एक सौदा, नफा और नुकसान की तरह
किसको क्या मिलेगा, क्या बताएगा वसीयतनामा, निर्भर करता है।
आलूदा हवा हो गई तेरे शहर की, तेरा क्या होगा 'मगज़'
मिलेगी शोले की चिता या बिजली का झटका, निर्भर करता है।
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