भारत यह देश अपना
जिसका टूट गया है सपना
सीख लिया है हमने पैसों की माला जपना
रिश्ते खत्म हुए
सब रिश्तों में लगी है आग
नफरत भरी है इतनी दिलों में लगी है आग
बोलचाल सब बंद है कमरों में सब बंद है
भाई से भाई ना बोले बहना से बहना ना बोले
देख कर पिता को बेटे का खून खोले
चाचा और ताऊं में विवाद चल रहा है
प्रॉपर्टी के चक्कर में घर सारा जल रहा है
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