जब इन्सान ने परछाईं से कहा,
मै अकेला हूँ क्या तू है मेरे साथ।
तब परछाई ने इन्सान से कहा,
मैं नहीं तो और कौन है तेरे साथ।
हाँ, वैसे
तो मैं ही रहती हर दम तेरे साथ।
चाहे दिन हो और चाहे हो रात।
पर,
समय जब तेरा बुरा आयेगा तो,
मैं भी नहीं दे पाऊंगी तेरा साथ।
क्योंकि,
समय न तो किसी की सुनता है,
और न करता है किसी से बात।
इसलिए,
यह तो है समय समय की बात।
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