मानो ना मानो,
पाप पुण्य यहीं देखे जाते हैं।
जो यहां किया है,
यहीं भोगना पड़ेगा,
और ऊपर भी,
हमारे कर्म ही जाते हैं।
-चंद्र दत्त शर्मा
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