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मेरा हक़ है

                
                                                         
                            मेरा हक़ है कि तेरे प्यार में,  कुर्बान जाँ कर दूँ
                                                                 
                            
ले आऊँ तोड़ कर तारे, ज़मीं को आसमाँ कर दूँ

नहीं उँगली उठा सकता है, तुम पर कोई दुनिया में
कहो जो तुम तो क़दमों में, तेरे सारा जहाँ कर दूँ

तेरे कारण सभी को छोड़कर, आया सनम हूँ मैं
छुपा कर रखी है दिल में जो बात, उसको बयाँ कर दूँ

अधूरी ख़्वाहिशों से ही है, वाबस्ता मेरि दिल भी
सभी अरमान पूरे हों, मैं ऐसा ही समाँ कर दूँ

मोहब्बत तुमसे है, करता नहीं इनकार मै 'पारुल'
अभी इस दिल को, तेरे प्यार का मैं आशियाँ कर दूँ
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एक दिन पहले

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