खामोश हूँ तो क्या हुआ,
हारा नहीं हूँ मैं,
ये तूफ़ान से पहले की,
शांति है मेरी ।
ठोकरें खा कर ही तो,
चलना सीखा हूँ,
आज हंस लो ख़ामोशी पे,
कल दहाड़ सुनोगे ।
साँसें चल रही हैं अभी,
दिल धड़कता है,
और हाँ सुन लो दुनिया,
*मैं जिन्दा हूँ अभी* ।
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