भाषा वैभव बढ़ेव लक
समाज की संस्कृति को उत्कर्ष होसे।
भाषा वैभव बढ़ेव लक,
समाज को वैचारिक उत्कर्ष होसे।।
भाषा वैभव बढेव लक
मातृभाषा को आकर्षण बढ़ जासे!
भाषा वैभव बढ़ेव लक,
समाज को सम्मान भी बढ़ जासे।।
भाषा वैभव बढेव लक
भाषा ला नवीं ऊंचाई मिल जासे।
भाषा वैभव बढ़ेव लक,
समाज ला नवीं ऊंचाई मिल जासे।।
भाषा वैभव बढ़ेव लक
साहित्य को आकर्षण बढ़ जासे।
भाषा वैभव बढ़ेव लक,
साहित्य को पाठक वर्ग बढ़ जासे।।
भाषा वैभव बढ़ेव लक
भाषा को प्रति आकर्षण बढ़ जासे।
भाषा वैभव बढ़ेव लक,
नवीं पीढ़ी भाषा सीखन लग जासे।।
भाषा वैभव बढ़ेव लक
मातृभाषा को सौरभ फैल जासे।
भाषा वैभव बढ़ेव लक,
समाज ला प्रगत मानेव जासे ।।
भाषा वैभव बढ़ेव लक
साहित्यिकों मा उत्साह संचारित होसे।
भाषा वैभव बढेव लक,
कलाकारों मा उत्साह संचारित होसे।।
-ओ सी पटले
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