आज जो रोमांटिक लगता है,
उस समय बिलकुल भी सरल नहीं था,
प्रेम प्रसंग आमतौर पर गुप्त,
आंखों आंखों में या सीने में दब कर रह जाते थे,
मेरा प्रेम प्रसंग भी कुछ ऐसा ही बन कर रह गया.
आमतौर पर शादी के लिए,
लड़के और लड़की की उम्र में अंतर होना,
पुरानी परंपराएँ हैं,परिवारों में एक धारणा है,
मेरा प्रेम,अपनी उम्र से बड़ी लड़की से होना ही,
एक बाधा बन गया,दिल टूट गया,सब कुछ छूट गया.
आज भी गूंजते हैं कानों में मेरे,उसके वो शब्द,
देखो उम्र में 7-8 साल,मैं बड़ी हूं तुमसे,
हमें परिवार कभी भी स्वीकार नहीं करेगा,
तुम्हारा प्यार सच्चा है,लेकिन विवाह संभव नहीं,
हमारे रास्ते अलग हो गये,जीवन आगे बढ़ता गया.
कहते हैं कि,वक्त भी किसी को बहुत दर्द देता है,
शादी के बाद उसका तलाक हो गया,
एक समारोह में अचानक मेरी उससे मुलाकात हुई,
वो चुप थी,हम दोनों के मन में एक समुद्री तूफ़ान था,
हम तूफान के शांत होने का इंतजार कर रहे थे,
हम जानते थे कि शायद हम एक दूसरे के लिए बने हैं.
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