अकेला
ठीक हूं
या, कोई
सच्चा सुलझा हो... ?
उसके होने में
चाव भरा हो
उसके बोलने से
गांव बसा हो
वो बना दे, अपने जैसा
'निर्बल', ढूंढे ना सहारा
क्या गरम हवा?
क्या भरम होता?
क्यों हरदम रोना?
क्यों पल पल टूटना?
उसके वजूद को...
ज़्यादा सोचता हूं 🫠
मैं जहां मौजूद हूं...
यहां के, समा से, नाता जोड़ लूं
पूरा पूरा रम के...
ये वादा पूरा करूं!
सदा का
मचलना देखूं
याद का...
और शोरगुल चाहूं
-राहुल
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