आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

बिल्कुल गौण समझेंगे या मामूली छोटी

                
                                                         
                            चारों ओर से प्रशंसा हो और अखबार में भी इनके नाम के हेडिंग छपे मोटी मोटी,
                                                                 
                            
एक भी इन पर न सवाल दागा जाए और न ही इनको सुनाया जाए खरी खोटी,
सचमुच इन भ्रष्ट नेताओं की ये मंशा यदि पूरी हो जाती है तो इस देश की जनता,
की प्रत्येक समस्या को ये अपनी नजर में बिल्कुल गौण समझेंगे या मामूली छोटी|
-मनस्व
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 घंटे पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर