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बुद्धि चली गई कहां थी?

                
                                                         
                            जब नदी, पहाड़, पेड़ पौधे और पशु पक्षी जैसे गौरैया मछली शेर घोड़ा और हाथी,
                                                                 
                            
इन सभी को मनुष्य अपना संरक्षक के साथ समझता था सच्चा जीवन साथी,
किंतु मनुष्य द्वारा इनके अंधाधुंध नुकसान से मनुष्य का भी जब अंत होगा नजदीक,
तब मनुष्य सोचेगा कि इनका हानि करते वक्त उसकी बुद्धि चली गई कहां थी?
-मनस्व
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