जो तू साथ हो मेरे
तुझे संभालूँगी
तुझे अपने एक रंग में ढालूँगी
जिस दिन तू मेरा होगा
चीख़ूँगी, चिल्लाऊँगी
या बस शांत ही हल्का सा मुस्कुराऊँगी
जो तू साथ हो मेरे
ज़िन्दगी हसीन बन जाएगी
तू शाह जहाँ होगा मेरा, मैं तेरी मुमताज़ बन जाऊँगी
तेरे इश्क़ से ख़ुद को सवारूँगी
तेरे प्यार से, तेरी वफ़ा से
ख़ुद को निखारूँगी
जो तू साथ हो मेरे
मैं तेरी बन जाऊँगी
ये जमाना हमारी मोहब्बत पे रश्क़ खायेगा
हो सकता है, तुझे मुझसे दूर करने के तरीक़े आजमायेगा
तेरा हाथ थामकर मैं तेरे साथ खड़ी रहूँगी
अख़िरत में भी तेरी दीवानी रहूँगी
जो तू पूछेगा मुझसे की कहाँ खो गई?
मैं मुस्कुराऊँगी हल्का सा तेरी आँखों में देखकर
कि जो तू साथ होता मेरे
तो कहानी कुछ और होती
शायद तू बाजीराव होता, शायद मैं मस्तानी होती
शायद तू दीवाना होता या मैं तेरी दीवानी होती
शायद तू दीवाना होता या मैं तेरी दीवानी होती
जो तू साथ हो मेरे
तो कहानी कुछ और होती …
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