जो टूट रहा है , टूटने दूँ,
जिसको जाना है वो जायेगा ।।
सबका एक सफर है,
जो उसको तय करना है,,
सबके अपने 2 रस्ते हैं,
और उसे उसपे ही चलना है,,
वो मेरे बिखरने की राह देख रहा है,
मगर मुझे सिसकते वो नहीं देख पाएगा।
उसने मजबूती से खुद को रोका है,
मेरी तरफ खुद को मुड़कर देखने से,,
उसे मेरी जिद से शिकायत है बस,
उसे कुछ लेना देना नहीं मेरे टूटने से ,
वो क्रोध को क्रोध से निपटाना चाहता है,
जो भी हो मुझसे अपनी हार नहीं देखा जाएगा।।
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