धर्म पूछ कर गोली मारी.!
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धर्म पूछ कर गोली मारी.!
शैतानों की हरकत कारी ||
इनका कोई दीन नहीं है |
हिंसा इनको सब से प्यारी ||
इनमें खूब भरी है नफरत|
अमन चैन से इन्हें अदावत||
इनको सबक सिखाना होगा |
जगजाहिर जिनकी बदनीयत||
कत्ल करें ये मानवता का |
निकले मुँह से गंदी गारी ||
धर्म पूछ कर गोली मारी.!
ये आतंकी कहलाते हैं |
बंदूकों से दहलाते हैं ||
सेंदुर तिलक न इनको भाता |
देख कलावा घबराते हैं ||
लिद्दर की केसर घाटी में |
गूंज उठीं बंदूकें भारी ||
धर्म पूछ कर गोली मारी.!
बच्चों के लुट गए खिलौने |
भाग्य सभी के हुए न नोने ||
हँसी खुशी से जो आए थे |
लगे वापिसी में सब रोने ||
आओ इनको पहचानें हम |
जिनके सर पर खून सवारी ||
धर्म पूछ कर गोली मारी.!
पहलगाम में खून बहा कर .|
वहशीपन भी खूब दिखा कर ||
मौन हुए सब कृत्य देख के |
बच्चों को भी गए रुला कर ||
एक एक का लेकर बदला |
सेना ने भी झकर उतारी ||
धर्म पूछ कर गोली मारी.!
उतर गई सब चढ़ी खुमारी |
सेना हुई पाक पर भारी ||
कहता है "संतोष" पाक से |
ऑपरेशन सिंदूर है जारी ||
-संतोष नेमा "संतोष"
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