कैसी बातें करते हो दोस्त,
तुम दुखी हो और कोशिश कर रहे हो
कि सबसे अपना दर्द छुपा लो।
इसीलिए होंठों पर झूठी हँसी सजाए
हर किसी के बीच घूम रहे हो।
पर तुम यह कैसे भूल गए कि
तुम्हारे दोस्त आज भी तुम्हारे साथ हैं,
और तुम्हारी मुस्कान के पीछे छिपे दर्द को
पढ़ने की काबिलियत रखते हैं।
-शाहाना परवीन 'शान'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X