बेवजह ही नहीं टूटते रिश्ते यहाँ,
कोई न कोई खामोशी
इन रिश्तों को तार - तार
कर देती है...
इनका वजूद मिटाकर इन्हें
हमेशा के लिए खत्म कर देती है...
-शाहाना परवीन 'शान'
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