आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

मृत्यु! एक अटल सत्य

                
                                                         
                            मृत्यु! एक अटल सत्य है,
                                                                 
                            
जिसे मेट सके न कोय,
चाहे जितना चाह लो
पर उसका खेल सटीक।
जिसके साथ जीने का
वादा लियो कराए,
वो कितने दिन ठहरेगा,
ये केहू का नाय पता।
न बच्चा न बूढ़ा देखे
ये मौत की सवारी,
सपने देखो कितने भी
ये नहीं किसी की आभारी।
कर्म अच्छे कर लियो
बस वही साथ में जाई
बाकी धन, दौलत और रिश्तेदारी
सब यही पर रह जाई।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
एक घंटा पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर