इसी मिट्टी की खुशबू में बसती, मेरी पहचान सुनो।
माँ के आँचल सा प्यारा, मेरा हिंदुस्तान सुनो।
हर श्वास-श्वास में गूँजता, वंदे मातरम् का गान है।
रग-रग में लहराता है, तिरंगे का सम्मान है।
वीरों की चिताओं से रोशन मेरा इतिहास है।
बलिदानों की राख में, अमर मेरा स्वाभिमान है
जब भी संकट देश पर आया, बनते ढाल जवान हैं।
हँसते-हँसते दे दी जिसने, धरती पर अपनी जान है।
देशभक्ति केवल नारा नहीं है यह कर्म का नाम है।
ईमानदारी, सेवा,श्रम सभी यही उसका धाम है।
हर नागरिक के आचरण में हो रही भारत की पहचान है।
तभी सदा गूँजता रहेगा मेरा भारत महान।
है।
-सुनीता तिवारी
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