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जब मैं कोई गीत लिखूंगा

                
                                                         
                            नफरत को भी प्रीत लिखूंगा,
                                                                 
                            
जब मैं कभी अतीत लिखूंगा,
जीवन के कोरे कागज पर,
मन को ही मनमीत लिखूंगा,

जब मैं कोई गीत लिखूंगा,
जब मैं कोई गीत लिखूंगा,

सपनो का संघर्ष लिखूंगा,
हर पल को आदर्श लिखूंगा,
रूखे बचपन की यादों को,
मै मधुरिम स्पर्श लिखूंगा,
खुद की हार लिखूंगा खुद ही,
और तुम्हारी जीत लिखूंगा,

जब मैं कोई गीत लिखूंगा,
जब मैं कोई गीत लिखूंगा,

निज करनी का मान लिखूंगा,
एक सरल परिधान लिखूँगा,
मैं रिश्तों की कड़वाहट का,
करके सब विष पान लिखूँगा,
मैं सुशील की मर्यादा हूँ,
दग्ध हृदय को शीत लिखूंगा,

जब मैं कोई गीत लिखूंगा,
जब मैं कोई गीत लिखूंगा,
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एक घंटा पहले

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