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इन्द्रधनुष के रंग

                
                                                         
                            पलकों के अंदर कुछ ख्वाब छुपा कर रखे।
                                                                 
                            
दिल के कोने-कोने में तुमको सजा कर रखे।।

तेरे बोल की अहमियत जब से मैंने समझी।
इन्द्रधनुष के रंगो वाले सपने सजा कर रखे।।

नन्हीं नन्हीं खुशियो से भर ली अपनी झोली।
रास्ते को चूम लिया कदम जहाँ जहाँ पर रखे।।

बड़ी तमन्नाओं को प्यार की जंजीर से बाँधा।
दिल का उपवन महके वो फूल संजो कर रखे।।

चाँद तारे भर आँचल में लेकर आई 'उपदेश'।
जलते बुझते जुगनुओं संग आस लगाकर रखे।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
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55 मिनट पहले

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