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श्रावण आया

                
                                                         
                            श्रावण आया,
                                                                 
                            
बादल अम्बर से बूंदे बरसा रहा,
भीग गई वसुंधरा,
धानी रंग से सजी,
वृक्ष हरेभरे फलों से लदे,
जलाशय लबालब,
श्रावण माह
झूले का आनंद ले रही,
लहरिया पहनी बालाएं,
कजरी गाती ,
मेहंदी रचाए,
कलाइयों में हरी हरी चूड़ियां,
श्रावण आया,
कांवड़िया कांवड़ उठाए,
भोले के जयकारे से
गूंज रही देवभूमि,
पवित्र जल से शिव का जलाभिषेक
भोले में रमें श्रद्धालु,
मनोकामना पूर्ति, हेतु,
कोई रखे श्रावण के सोमवार,
कोई चढ़ाए एक लोटा जल,
श्रावण आया
चहूं ओर प्रसन्नता,
चुभती तपिश से राहत,
बच्चे छत पर रेनी डांस कर रहे,
बारिश में भीगना तनाव से मुक्ति,
अंग अंग में रोमांच
श्रावण आया,
रंग बिरंगे छाते,बरसाती पहने,
बच रहे बरसात से,
चाय पकौड़ों का आनंद उठा रहे
आसमान में निकला इंद्रधनुष,
बच्चों को चेहरे पर आई मुस्कुराहट,
श्रावण आया,
कीचड़ ही कीचड़,
सड़के बनी तालाब,
नदियां उफनी,
बादल फट रहे,
बाढ़ पीड़ित हो रहे बेघर,
श्रावण आया,
कहीं फसलें लहलहाई,
कहीं हुई नष्ट।
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26 मिनट पहले

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