माँ, तेरे चरणों में है शांति अपार,
तेरे बिना जीवन है एक बंजार सा रेगिस्तान ।
तेरी आँखों की ज्योति से जीवन बने जगमग,
तेरी करुणा से सबके दुःख मिटे, मन हो जाए पावन,
माँ महागौरी, श्वेत आभा में लिपटी हुई,
तेरी कोमल छवि से आत्मा उज्जवल हुई,
तेरी मुस्कान में छुपा है अमृत का अहसास,
तेरे बिना अधूरा है, मेरा हर पूजा, हर उपवास।
हे माँ नवदुर्गे, हर कदम पर साथ रहना,
भटके हुए पथिक को सही मार्ग दिखाना,
शेर की सवारी तेरी, असीम शक्ति की पहचान,
तेरे स्वरूप में दिखे ब्रह्मा, विष्णु और भोलेनाथ।
जय अंबे गौरी, जय जगदंबे माता,
तेरे चरणों में सारा जग है नत-मस्तक,
तेरे स्नेह से, हर कदम अपार सफलता मिले
जिसकी ज्योत ना हो फीकी ऐसा रूप श्रृंगार मिले
तेरे नाम की ज्योत जले हर हृदय में निरंतर,
तेरा आशीर्वाद बने, कांटों भरी राह भी मधुबन।
हे मां दुर्गे तुम्हे वंदन, तुम्हे वंदन
-नीरू जैन
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