वो चेहरा नहीं, एक सुकून है,
उसकी हर बात में छिपा जूनून है।
बातों में मिठास, नज़रों में अपनापन,
दिल में बस गया , जैसे दिल की धड़कन।
समझता है वो ख़ामोशी की ज़ुबान,
हर दर्द पे रख देता है दवा सी मुस्कान।
सुंदर सजीला है — सिर्फ़ रूप से नहीं,
उसके मन में है वफ़ा की रोशनी।
वो इश्क़, वो इबादत, वो ही मेरा संसार,
मेरी ज़िंदगी का सबसे सुंदर उपहार।
-नीरू जैन
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