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Hasrat Mohani Ghazal: वो चुप हो गए मुझ से क्या कहते कहते

hasrat mohani ghazal wo chup ho gaye mujhse kya kahte kahte
                
                                                                                 
                            

वो चुप हो गए मुझ से क्या कहते कहते


कि दिल रह गया मुद्दआ कहते कहते

मिरा इश्क़ भी ख़ुद-ग़रज़ हो चला है
तिरे हुस्न को बेवफ़ा कहते कहते

शब-ए-ग़म किस आराम से सो गए हैं
फ़साना तिरी याद का कहते कहते

ख़बर उन को अब तक नहीं मर मिटे हम
दिल-ए-ज़ार का माजरा कहते कहते

अजब क्या जो है बद-गुमाँ सब से वाइज़
बुरा सुनते सुनते बुरा कहते कहते

वो आए मगर आए किस वक़्त 'हसरत'
कि हम चल बसे मरहबा कहते कहते

2 months ago

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