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Social Media Poetry: उसके हाथों में पूजा की थाली चलनी है

वायरल काव्य
                
                                                         
                            वहाँ राह में बैठी पत्नी 
                                                                 
                            
करे  फोन  पर  फोन 
यहाँ एक चिन्ता है बस
आटो रिक्शे का लोन !

उसके  हाथों  में पूजा की थाली चलनी है 
यहाँ बैटरी उसे आज के आज बदलनी है 

रोज बैंक से नोटिस आती
बदल बदल कर टोन !

लेकर गया सवारी देखी सर्राफे की भीड़
वहीं  कहीं  ठेले ले ली पीतल की जंजीर 

ये ही उसका हीरा मोती 
ये   ही  चाँदी   सोन !

दिन बीता पर घर न पहुंच पाया है परदेसी
चाँद निकलने में देरी है प्रिय के  वादे सी

कभी देखती वह दरवाजा
कभी गगन का कोन !

साभार: ज्ञानप्रकाश आकुल की फेसबुक वाल से 

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4 घंटे पहले

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