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हर एक बात को चुप-चाप क्यूं सुना जाए- निदा फ़ाज़ली

nida fazli
                
                                                         
                            हर एक बात को चुप-चाप क्यूं सुना जाए 
                                                                 
                            
कभी तो हौसला कर के नहीं कहा जाए 


तुम्हारा घर भी इसी शहर के हिसार में है 
लगी है आग कहां क्यूं पता किया जाए आगे पढ़ें

5 वर्ष पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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