पुस्तक के बिन जीवन क्या
हरियाली बिन सावन क्या?
पुस्तक उपवन फूले खूब
फूलों के बिन उपवन क्या?
ज्ञान की पूँजी पुस्तक है
इस पूँजी के बिन धन क्या?
अच्छी पुस्तक अच्छी सीख
अच्छी सीख बिना मन क्या?
दोस्त बना लो पुस्तक को
फिर तन्हा क्या भींड़न क्या?
-पंडित अनिल
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