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यूँ ही नहीं

                
                                                         
                            मजनू को बदन अपना बनाना पड़ा था गोस्त
                                                                 
                            
यूँ ही नहीं बनती है मुहब्बत की कहानी।
-पंडित अनिल
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एक दिन पहले

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