सबका एक भगवान
तो क्यों बंटा है इंसान?
क्यों कोई हिंदू कोई मुसलमान?
जब सब हैं एक समान
तब क्यों यह घमासान?
कोई गोरा कोई काला
है सब दिल वाला
सबका है एक ऊपरवाला।
- सहज कुमार
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