रात दिन
खट रहें दीन
हीन मलीन
बन कर गरीब जन क्यों?
धनी रहते हैं तन कर क्यों?
गर्मी जाड़ा बरसात
में दिन रात
मर रहे गरीब जन क्यों?
मुश्किल में है मेरा वतन क्यों?
- सहज कुमार
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